एक जल्लाद की गति बड़ी आसानी से हो जाएगी

मेरे पिता जी दिन रात पाठ करते थे और रोज गुरुद्वारे में जाते थे लेकिन सुबह उठकर दूध में पानी डाल कर बेच देते थे I अब उनके अनुसार वो बहुत धार्मिक है और वो भगवान् को पाना चाहते है और उनके अनुसार दूध में पानी डालना कोई बुरा काम नहीं यानी की इसका धर्म से भगवान से कोई लेना देना नहीं I यानी की आप चोरी ठगी, बेईमानी करो फिर भी आप धार्मिक हो सकते है I फिर भी समाज आपको एक इज्जतदार आदमी के रूप में देखता रहेगा I

मुझे ये समझ नहीं आता की अगर आपने चोरी ठगी ही करनी है, दूसरों का गला ही काटना है तो आप मदिर या मस्जिद क्यों जाते हो? यानी की आप दोनों ही काम करते रहना चाहते हो I इस तरह के इंसान की कभी गति नहीं सकती, हाँ एक जल्लाद की गति बड़ी आसानी से हो जाएगी क्योंकि उसको मालूम है की वो क्या और क्यों कर रहा है I वो कम से कम धर्मात्मा होने का नाटक नहीं कर रहा #bTR

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